जो लोग अपने मा बाप से प्यार करते हैं वो इसे न पढे......
शनिवार, 4 सितम्बर 2010
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लेबल: पृथ्वी का भगवान, माँ
पृथ्वी का भगवान
बृहस्पतिवार, 17 जून 2010
हमारे साथ नहीं रह
सकता न ,शायद इसी लिए उसने माँ बनाया
कभी कभी मै सोचता हूँ यदि पृथ्वी पर माँ नहीं होती तो क्या होता ?
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हराने से क्या हराना
सोमवार, 14 जून 2010
दुनिया भर में ऐसे लाखो उदाहरण हैं जिनमे लोग हराने के बाद ही जीते हों |
जिस वर्ष कोक बाजार में उतरी थी उसके सिर्फ 400 बोतल बीके थे |
आइन्स्टीन की पी एच डी करने को अस्वीकृत कर दिया गया था |
हेनरी फोर्ड दो बार दिवालिया घोषित किये गए थे|
, रोडिन को तीन बार आर्ट स्कूल में दाखिला नहीं मिला फिर भी वो महँ मूर्तिकार बने|
अब्राहन लिंकन सात बार चुनाव हारे|
ऐसे दुनिया भर में लाखो उदाहरण है |
इन सभी मामलों में अवरोध,निराशा,अस्वीकृति और असफल कोशिशे इन्हें रोक नहीं पाई|
इन लोगो ने विफलता को ही सफलता की सीढ़ी बनाया|
यही वो अंतर है जो साधारण को अशधारण बनता है|
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शनिवार, 12 जून 2010
सफलता के तीन नियम
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(1) कंट्रोल योरसेल्फ
(2) लुक फॉर अल्टर नेटिव सोलुसन
(3)डीलिट द सिचुएसन विच गिव यू टेंसन
इन तीन नियमो का पालन करे व सफल हो
हम सब का जन्म सफल होने के लिए हुआ है
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इच्छा शक्ति की ताकत
सोमवार, 31 मई 2010
"वे मेरी आत्मा नहीं काट सकते जब तक कि मै जिन्दा हूँ"
यह कथन था पंजाब के गायक बन्त सिंह का।
उनके हाथ पैर निर्दयता से काट डाले गये थे।
उनके आँखो के सामने ही उनकी नाबालिक लडकी के साथ रेप किया गया था।
इस ह्रदय द्रावक घटना ने उन्हें अपाहिज नहीं किया बल्कि,
ब्रिटेन ,अमेरिका व पूरे दक्षिण एशिया में लोगों को एकजुट कर दिया।
और इस घटना से गरीबों व असहायों को उनका मशीहा मिल गया।
उन्होंने कहा,"मेरे अंग काट दिए गये हैं पर मेरी जुबान कायम है और
मै जब तक जिन्दा हूँ गरीबों व असहायों के लिए लडता रहूगाँ।
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लेबल: bant singh panjab, pk, prashant adarsh karunesh, बन्त सिंह
छोटी-छोटी मगर मोटी बातें
बृहस्पतिवार, 20 मई 2010
एक
जब लोग आप की आलोचना कर रहें हों,
आप पर चिल्ला रहे हो,या आप का दिल दुखा रहे हों
परेशान ना हो बस एक बात याद रखें
"हर खेल में दर्शक ऐसा ही करते हैं,लेकिन खिलाडी़ अपना काम करते रहते हैं"
दो
दुनिया में हर काम के लिए दूसरा मौका अवश्य रहता है
लेकिन याद रखें,
"लेकिन दोबारा जीने का मौका नहीं मिलता,अपने जीवन का पूरा आनन्द उठाये"
तीन
Morning =more + inning
हर सुबह भगवान हमें अपने जीवन का एक और इनिंग खेलने का मौका देते हैं।क्यों ना इसे बेहतर तरीके से खेला जाए.............
चार
दुनिया में सबसे आसान क्या है और सबसे मुस्किल क्या?
आसान-दूसरो की गलती बताना।
मुस्किल-अपनी गलती मानना।
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दुनिया कि कोई ताकत सफल होने से नहीं रोक सकती
बुधवार, 19 मई 2010
एक आदमी एक्कीस वर्ष की उम्र में ही मोटर न्यूरोन डिजीज का शिकार हो गया।यह लकवे से भी खतरनाक बिमारी है,इसमें शरीर का कोई अंग काम नहीं करता।वह आदमी तीस से अधिक वर्षों से लकवे से ग्रस्त रहता है।उसकी सिर्फ एक उँगली व दिमाग काम करत है।वह पिछले बीस वर्षों से बोल नहीं सकता।
अब एक दूसरे व्यक्ति की चर्चा करते हैं।वह विश्व का सबसे बडा़ ब्रह्नाण वैज्ञानिक है।उसे आईन्स्टीन के बाद अब तक का सबसे बडा़ वैज्ञानिक माना जाता है।वह कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में गणित का प्रोफेसर है।
आप जान कर हैरान होंगे कि दोनों व्यक्ति एक ही हैं स्टीफन हाकिंग।
अब तीसरे व्यक्ति की चर्चा।वह पृथ्वी पर स्थित छ: खरब लोगों से अलग व खास है।उसकी परिस्थितियाँ हाकिंग से लाख गुना बेहतर है।वह इस दुनिया में सफल होने के लिए आया है।
जब हाकिंग सफल हो सकते हैं,तो उसे दुनिया कि कोई ताकत सफल होने से नहीं रोक सकती।
वह तीसरे व्यक्ति आप हैं।
हम सब का जन्म सफल होने के लिए हुआ है।
प्रस्तुतकर्ता prashant पर 11:56 pm 1 टिप्पणियाँ इस संदेश के लिए लिंक
लेबल: स्टीफन हाकिंग, हम सब का जन्म सफल होने के लिए हुआ है।Professor Stephen Hawking zero-gravity flight


























