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बुधवार, 14 अप्रैल 2010
जिंदगी एक गीत है
जिंदगी एक गीत है -इसे गाओ
जिंदगी एक खेल है -इसे खेलो
जिंदगी एक चुनौती है - इसका सामना करो
जिंदगी एक सपना है -इसे साकार करो
जिंदगी एक त्याग है -इसे कर दो
जिंदगी प्रेम है - इसका आनन्द लो
साईं बाबा
शनिवार, 3 अप्रैल 2010
उसके जैसा भाई
आफिस से बाहर आकर रवी अपनी फारारी की तरफ देखता है जो उसके भाई ने उसके बर्थ डे पर परसों ही गिफ्ट दिया है।वो सोचता है कि वो कितना खुश किसमत है जो उसको इतना प्यार करने वाला भाई मिला।तभी एक लड़के की आवाज से उसका ध्यान भंग हो जाता है।वो देखता है कि एक लडका जो देखने से ही गरीब दिख रहा है उससे कहता है क्यों साहब आज बहुत खुस दिख रहे हो।फिर लडका तपाक से उससे कहता है कि क्यों साहब क्या आप मुझे अपने कार में घुमायेंगे ?कोई और दिन होता तो रवी उसको मना कर देता लेकिन आज वो बहुत खुस था।
कुछ देर बाद रवी और लडका कार में थे।कुछ देर बाद लडका कहता है कि साहब क्या आप अपनी कार मेरे मुहल्ले से ले के चलेंगे?रवी भाँप जाता है कि लडका क्या चाहता है वो शायद अपने मुहल्ले वालों पर रोब डालना चाहता है।अब कार लडके के मुहल्ले में थी।
तभी लडका एक घर के सामने रूक कर कहता है,एक मिनट साब जाईयेगा नहीं मै अपने छोटे भाई को लेकर आता हूँ।और वह घर के अन्दर भाग जाता है।कुछ देर बाद वह घर से बाहर आता है उसके हाथ में उसका छोटा भाई होता है जो चल नहीं सकता है।उसको कार की तरफ इसारा करते हुए वह कहता है छोटे एक दिन मै तुझे भी इसी तरह की कार दुंगा शाहब से पूछ लो उनको ये कार इनके बडे भाई ने दिया है यह कह कर वह घर के अन्दर चला गया...................
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बुधवार, 17 मार्च 2010
बचाने लायक जिन्दगी
एक बच्चा समुद्र में डूब रहा था।एक व्यक्ति ने अपनी जान जोखिम में डालकर तूफानी लहरों का सामना करते हुये उसे बचा लिया।जैसे ही बच्चा इस दहशत भरे अनुभव से उबरा, उसने उस आदमी से कहा,"मेरी जिंदगी बचाने के लिए धन्यवाद।"
उस आदमी ने लडके की आँखों में आँखे डालकर कहा," वह तो ठीक है ,बेटे।बस इतना ध्यान रखना कि तुम्हारी जिंदगी बचाने लायक थी।"
उस आदमी ने लडके की आँखों में आँखे डालकर कहा," वह तो ठीक है ,बेटे।बस इतना ध्यान रखना कि तुम्हारी जिंदगी बचाने लायक थी।"
गुरुवार, 11 मार्च 2010
आप इंतजार क्यों कर रहे हैं...................
अगर हमें यह पता चले कि हमारे पास जिंदगी में सिर्फ पाँच ही मिनट बचे है, जिसमें हमे वह सब कहना है जो हम कहना चाहते हैं।तो दुनिया के हर टेलिफोन बूथ पर भीड़ लग जायेगी और लोग अटकते हुए दूसरों को फोन पर बताएँगे कि वे उन्हें प्यार करते थे।
क्रिस्टोफर मोर्ली
अगर आप जल्दी ही मरने वाले हों और आपको सिर्फ एक फोन करने का समय मिले,तो आप किसे फोन करेंगे और आप क्या कहेंगे?और आप इंतजार क्यों कर रहे हैं...................
स्टीफन लेवाइन
क्रिस्टोफर मोर्ली
अगर आप जल्दी ही मरने वाले हों और आपको सिर्फ एक फोन करने का समय मिले,तो आप किसे फोन करेंगे और आप क्या कहेंगे?और आप इंतजार क्यों कर रहे हैं...................
स्टीफन लेवाइन
बुधवार, 10 मार्च 2010
नजरें जमाये रहें अपने लक्ष्य पर
जब फ्लोरेंस चैडविक ने आगे देखा, तो उसे कोहरे के दिवार के सिवा कुछ नहीं दिखा।उसका शरीर शुन्न हो रहा था।वह लगभग सोलह घंटे से तैर रही थी।
वह इंग्लिश चैनल को दोनो दिशाओं में तैरकर पार करने वाली पहली महिला थी।अब उसका लक्ष्य यह था कि वह कैटेलिना आइसलैंड को तैर कर पार करे।
4 जुलाई 1952, की सुबह समुद्र बर्फ की तरह ठंडा था और कोहरा इतना घना कि उसे रक्षक नौकाएँ भी नहीं दिख रही थी।शार्क मछलियाँ तैरकर उसकी तरफ आ रही थी और राइफल की गोलियों के कारण ही वहाँ से भाग रहीं थी।
समुद्र की हाड़ कपा देने वाली ठंडी जकड़न में वह घंटो जुझती रही और लाखों लोग उसे टीवी पर देखते रहे।
उसका हिम्मत जवाब दे गया।उसे जब ये पता चला कि वो किनारे से सिर्फ आधा मील दूर थी उसे बहुत अफसोस हुआ।
फ्लोरेंस चैडविक इस लिए हारी क्योंकि कोहरे के कारण उसका लक्ष्य उसकी आखों से ओझल हो गया था।
उसने फिर कोशिश किया और वह कैटेलिना आइसलैंड पार करने वाली पहली महिला बनी व उसने पुरूषों के रिकार्ड को दो घंटे से तोडा़।
वह इंग्लिश चैनल को दोनो दिशाओं में तैरकर पार करने वाली पहली महिला थी।अब उसका लक्ष्य यह था कि वह कैटेलिना आइसलैंड को तैर कर पार करे।
4 जुलाई 1952, की सुबह समुद्र बर्फ की तरह ठंडा था और कोहरा इतना घना कि उसे रक्षक नौकाएँ भी नहीं दिख रही थी।शार्क मछलियाँ तैरकर उसकी तरफ आ रही थी और राइफल की गोलियों के कारण ही वहाँ से भाग रहीं थी।
समुद्र की हाड़ कपा देने वाली ठंडी जकड़न में वह घंटो जुझती रही और लाखों लोग उसे टीवी पर देखते रहे।
उसका हिम्मत जवाब दे गया।उसे जब ये पता चला कि वो किनारे से सिर्फ आधा मील दूर थी उसे बहुत अफसोस हुआ।
फ्लोरेंस चैडविक इस लिए हारी क्योंकि कोहरे के कारण उसका लक्ष्य उसकी आखों से ओझल हो गया था।
उसने फिर कोशिश किया और वह कैटेलिना आइसलैंड पार करने वाली पहली महिला बनी व उसने पुरूषों के रिकार्ड को दो घंटे से तोडा़।
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