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बुधवार, 17 मार्च 2010

बचाने लायक जिन्दगी

एक बच्चा समुद्र में डूब रहा था।एक व्यक्ति ने अपनी जान जोखिम में डालकर तूफानी लहरों का सामना करते हुये उसे बचा लिया।जैसे ही बच्चा इस दहशत भरे अनुभव से उबरा, उसने उस आदमी से कहा,"मेरी जिंदगी बचाने के लिए धन्यवाद।"



उस आदमी ने लडके की आँखों में आँखे डालकर कहा," वह तो ठीक है ,बेटे।बस इतना ध्यान रखना कि तुम्हारी जिंदगी बचाने लायक थी।"

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2010

अपने प्राइम टाईम में काम करें

टीवी पर प्राइम टाईम रात 8 से10 बजे तक होता है।इस समय प्रसारित होने वाले विज्ञापन सबसे महगे होते हैं।
इसी तरह हमारा भी एक प्राइम टाईम होता है जिस समय हमारी उर्जा सर्वाधिक होती है।
हम सभी लोग दो कटैगरी के होते है-
  1. डे बाडी क्लाक
  2. नाइट बाडी क्लाक
डे बाडी क्लाक वाले लोगो की उर्जा सुबह चार बजे से दोपहर तक अधिकतम होती है।
नाइट बाडी क्लाक वाले लोगो की उर्जा शाम से रात ग्यारह बजे तक अधिकतम होती है।
डे बाडी क्लाक वाले लोग शान्त स्वभाव के होते हैं।जैसे अटल जी,गाँधी जी
नाइट बाडी क्लाक वाले लोग उग्र स्वभाव के होते हैं।जैसे आड्वानी ,भगत सिंह
(इसीलिए इतिहास मे अधिकतर युद्ध आधी रात को शुरू हुये जबकि शान्ति समझौते दिन में)
हम कैसे जाने कि हम किस बाडी क्लाक के आदमी हैं?
आसान है हम एक हफ्ता दिन में व एक हफ्ता रात में काम करके देखें जब हमारी उर्जा अधिकतम हो
हम उसी बाडी क्लाक के आदमी हैं।
हम सब का जन्म सफल होने के लिए हुआ है