प्यारी माँ
वक्त कितना बदल गया है
कल जब हम छोटे थे
और कोई हमारी बात
नहीं समझता था
तब सिर्फ एक हस्ती थी जो
जो हमारे टूटे फूटे अल्फाज
भी समझ जाती थी
और आज हम उसी
हसती को कहते हैं
’आप नहीं जानती’
आप नहीं समझ पाएगीं
आप की बाते मुझे समझ नहीं आती
हो गई आप खुश
बडे़ शर्म की बात है
क्यों है ना?
,चलो उस हसती का सम्मान करें
जो है
’प्यारी माँ’
सोमवार, 17 मई 2010
बुधवार, 12 मई 2010
बाकि लोग उन्हें भाग्यशाली मानते हैं।
एक रात बन्जारों का एक समूह सोने की तैयारी कर रहा था।तभी उनके चारो ओर एक दिव्य प्रकाश फैल गया।दिव्य प्रकाश से आवाज आई कि जितने पत्थर बीन सकते हो बीन लो और अगले दिन का इन्तजार करो।
अधिकतर बन्जारे इसे बकवास मानकर सो गये ,कुछ ने बेमन से पत्थर बटोरा कुछ एक ने ढेर सारा पथर बटोरा।
अगले दिन सारे पत्थर हीरे बन गये।जिन्होने इसे बकवास माना वे कुछ समझ ही न पाये और जिन्होंने बेमन से थोडा पत्थर बटोरा था वो अब पछता रहे थे और जिन्होंने लगन से ढेर सारे पत्थर बटोरे थे उनको भाग्यसाली माना गया।
हम लोग भी इन्हीं तीन तरह के लोगों में बटे हुए हैं
१-अधिकतर ये समझ ही नहीं पाते क्या हो रहा है और क्या करना है।
२-कुछ लोग काम तो करते हैं लेकिन बेमन से और अपने भाग्य का रोना रोते हैं।
३-बहुत कम ही लोग हैं जो लगन से काम करते हैं और सफल होते हैं बाकि लोग उन्हें भाग्यशाली मानते हैं।
लेबल:
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मंगलवार, 11 मई 2010
बहुत प्रभाव पडता है..........................
एक आदमी समुद्र के किनारे टहल रहा होता है।वह देखता है कि उससे दूर एक आदमी नीचे झुकता है फिर उठता है आगे बढता है फिर झुकता है फिर उठता है और यही काम बार-2 करता है।पहला आदमी तेजी से उसके पास जाता है और देखता है कि समुद्र की लहरों के साथ सैकडों मछलियाँ रेत पर किनारे आ जाती हैं और वह आदमी उनमें से एक को उठाता है और वापस समुद्र में फेंक देता है।
पहला मनुष्य हसता है और कहता है यहाँ तो सैकडो मछलियाँ एक बर मे किनारे आ जा रही हैं तुम्हारे ऐसा करने से क्या प्रभाव पडता है।वह आदमी फिर एक मछली को उठाते हुए कहता है लेकिन इस एक मछली को तो बहुत प्रभाव पडता है..........................
सोमवार, 10 मई 2010
उसमे सिर्फ आप का ही दोस है
मै स्कूल में कुछ सब्जेक्ट में फेल हो गया ,लेकिन मेरे दोस्त हाई मार्क ले कर पास हो गये।
अब वे माइक्रोसाफ्ट कम्पनी मे काम करते है और मै उस कम्पनी का मालिक हूँ। (बिल गेट्स)
अगर आप गरीब पैदा होते हैं तो उसमे आपका कोई दोस नहीं
लेकिन अगर आप गरीब मरते हैं तो उसमे सिर्फ आप का ही दोस है-बिल गेट्स
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रविवार, 9 मई 2010
क्यों परेशानी गले लगाते हो
एक युद्ध की कहानी जो वियतनाम में लड़ा गया |युद्ध अब समाप्त हो गया था |एक सैनिक जो युद्ध में बुरी तरह जख्मी हो गया था |
वह घर लौटना चाहता है|पर पहले वह अपने घर फोन लगता है और अपने माता पिता से कहता है की वह घर आ रहा है |
उसके माता पिता बहुत खुस होते है|वह फिर कहता है की मेरे साथ मेरा दोस्त भी है |उसके माता पिता कहते है हां हां अवश्य लाओ|फिर सैनिक कहता है की दरअसल बात यह है की मेरा दोस्त युद्ध में अपना एक पैर व हाथ गवा चुका है|
अब उसके माता पिता कुछ देर के लिए चुप हो जाते है तथा कहते है की क्यों परेशानी गले लगाते हो उसे उसके घर जाने दो|
वह सैनिक फिर फोन रख देता है|कुछ देर तक वह सोचता है तथा दूसरी मंजिल से छलांग लगा देता है |दरअसल उसी का हाथ व पैर युद्ध में जख्मी हो गया था.......................................
शुक्रवार, 7 मई 2010
आप स्मार्ट व गरीबो के मददगार हो सकते हैं
क्या आप गरीबो की मदद करना चाहते हैं?
क्या आप भूखो को भोजन दिलाना चाहते है?
अगर हम सफल होना चाहते है तो पहले हमें दूसरों को सफल करना होगा हम खुद ब खुद सफल हो जायेंगे
अब आप कहेंगे की हम कैसे दूसरों की मदद कर सकते हैं जब हमारे पास ही पर्याप्त नहीं है|
तरीका मै बताता हूँ-
आप www.freerice.com पर जा के vocabulary गेम खेल सकते हैं|हर सही जवाब पर दस grain चावल गरीबो में वितरित कर दिया जाएगा|
यानी आपकी वर्ड मीनिंग भी बढ़ेगी व आप खुद पर गर्व भी कर सकते हैं की मैंने गरीबो की मदद की
हम सब का जन्म सफल होने के लिए हुआ है|
वार्निंग -इस साईट पर जाकर आप स्मार्ट व गरीबो के मददगार हो सकते हैं|
बुधवार, 28 अप्रैल 2010
हम गमलों को नहीं बल्कि बच्चों को पाल रहे हैं।
मेरे पडोसी के दो बच्चे हैं,जिनकी उम्र पाँच व सात साल है।एक दिन मेरा पडोसी अपने बच्चों को टेनिस खेलना सिखा रहा था।फिर मेरा पडोसी पेपर पढने लगा व बच्चे आपस मे खेलने लगे।कुछ बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई तभी बडे लड़के ने छोटे को धक्का दे दिया और छोटा बच्चा फूलों के गमले पर गिर गया।और महगे गमले टूट गये।
मेरे पडोसी ने जब गमलों को देखा तो उसका संयम जवाब दे गया।वह उँची आवाज मे अपने बच्चों को डाटने लगा।पडोसी की पत्नि बाहर आई और पडोसी से बोली सान्त हो जायो और याद रखो हम गमलों को नहीं बल्कि बच्चों को पाल रहे हैं।
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