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शनिवार, 3 अप्रैल 2010

हंसो को भी विज्ञान की जानकारी होती है


आपने हंसो को आकाश में उडते जरूर देखा होगा।
लेकिन क्या आपने गौर किया है कि वो अकसर,
वी शेप में उड़ते नजर आते है।ऐसा क्यो?
अगर आपने गौर किया हो तो शायद आप
को यह भी दिखा हो समूह में सबसे आगे वाले
हंस बराबर पंख चलाते हैं,उनके पीछे वाले नहीं।ऐसा क्यों?
और कुछ देर बाद आगे वाला हंस पीछे चला जाता है और
अब जो आगे होते हैं अब पंख चलाने की बारी उनकी है,यह क्रिया
निरन्तर चलती रहती है।ऐसा क्यो?
अब मै जो आपको बताने जा रहाँ हूँ उसे सुनकर चौंकिये नहीं।
हंसो को भी विज्ञान की जानकारी होती है।
आपने जहाज को देखा है ना वो भी तो वी शेप(v के आकार) का होता
 है क्योंकि इस शेप में हवा का घर्षण बहुत कम होता है।
क्यों अब आपका क्या कहना है?
अब बात दूसरे क्यों की।
अकसर हमें हमारे बुजुर्ग कहते हैं कि रेल के पास मत जाओ वो तुम्हें अपनी ओर खींच लेगा।
दर असल रेल हमें नहीं खींचता बल्कि हम खुद ब खुद उसकी ओर खिंच जाते हैं।
जब रेल तेजी से आती है तो उसके पास की वायु का वेग बहुत अधिक हो जाता है तथा वहाँ का दाब कम हो जाता है और हम अधिक दाब से कम दाब की ओर खिंच जाते हैं।आपने देखा होगा जब आँधी
आती है तो टिन सेड उड़ जाते हैं इसका भी यही कारण है।
आगे वाला हंस पंख चलाता है तो वहाँ का वेग बहुत अधिक हो जाता है और वहाँ दाब कम हो जाता है तथा वहाँ आंसिक निर्वात उत्पन्न हो जाता है और पीछे वाला हंस अपने आप आगे खिंच जाता है और इस तरह वे मीलों का सफर आसानी से कर सकते हैं।