शुक्रवार, 21 नवंबर 2008

दुख से कैसे लडे़

जब हम दुखी होते हैं तो हमारा पेट अक्सर खराब हो जाता है।

जब हम दुखी होते हैं तो हमारे सोचने की छमता लगभग खत्म हो जाती है।

डाक्टर कैरेले के अनुसार "जो व्यक्ति दुख से लड़ना नहीं जानता वह जल्दी मर जाता है।"

ये कुछ कारण हैं कि क्यों हमें दुखी नहीं होना चाहिये।

दुख से बाहर निकलने के उपाय

दुखी होना या खुस होना हमारे दिमाग के सोचने के तरीके पर निर्भर करता है।

"मै दुखी था कि मेरे पास जूते नहीं हैं तभी मै देखता हूँ कि एक व्यक्ति
गा रहा है जबकि उसके पैर ही नहीं है।"

न्युटन का तृतीय नियम तो आप जानते ही होंगे प्रत्येक क्रिया की प्रतिक्रिया होती है अत: आज दुख है तो कल सुख भी होगा।

फिजिक्स में एन्टीकण के बारे में तो पढा़ ही होगा इलेक्ट्रान व पाजिट्रान एक दूसरे के एन्टीकण होते हैं ये एक साथ नहीं हो सकते।इसी तरह सुख व दुख भी एक साथ नहीं हो सकते अत: अब जब भी कभी आप दुखी होते हैं तो उस समय के बारे में सोचने लगिये जब आप खुस थे जैसे जब आप घूमने गये थे इत्यादि।आप का दुख छूमन्तर हो जायेगा।

शुक्रवार, 14 नवंबर 2008

मरफी के नियम

मरफी के नियम
ये मरफी महोदय कौन है ये तो मैं नहीं जानता पर इनके नियम बहुत मजेदार हैं।
कुछ भी अटपटा सा जो कि सत्य भी हो वो मरफी का नियम कहलाता है।इनके
कुछ नियम निम्न हैं-
• सिर्फ मरफी का नियम जानने से कुछ नहीं होता।
• मरफी़ का दर्शन-आज मुस्कुरा लो.........क्यों कि कल तो और भी बुरा होगा।
• बुरा होता है तो सब एक साथ होता है।
• मरफी़ का स्थिरांक-पदार्थ अपने मूल्य के सीधे अनुपात में क्षतिग्रस्त होता है।
• अपने बच्चों का जन्मदिन घर पर मनायें,ताकि उनके दोस्तों को देखकर आप ये जान सकें
कि आप के बच्चों से भी शैतान बच्चे इस दुनिया में होते हैं।
• मरफी के ब्लाग का नियम-आप सोचते हैं कि मेरे इस पोस्ट पे ढ़ेर सारे कमेन्ट
मिलेंगे तो उस पे कोई कमेन्ट नहीं मिलता इसका उल्टा भी सत्य है।
• अगर आप का दो रूपया खो गया है तो आप को दो रूपया ही मिलेगा ज्यादा मत खोजें।
• सभी चीजों का स्वाद एक जैसा होता है अच्छा या बुरा।
• यदि आप अपना प्रभाव बढ़ाने के लिये कुछ कहते हैं तो यकिन मानिये आपका प्रभाव कम होता है।

मंगलवार, 4 नवंबर 2008

काम की बातें

वह चादनी रातो मे सोयाउसने सुनहरी धूप का मजा उठायाकुछ करने की तैयारी मे जिन्दगी गुजार कर

वह गुजर गया कुछ न कर-हार कर (जेम्स अलबरी)

जो जरूरी है उससे शुरू करे,फिर जो मुमकिन है वह करे,और आप अचानक पाएगे कि आप नामुमकिन

काम भी करने लगे है।(सेन्ट फ़्रान्सिस)

सपने जरूर देखे क्योकि हर सपना लक्ष्य से पहले आता है (अज्ञात )

मुझे रास्ता जरूर मिलेगा यदि नही मिला तो मै अपना रास्ता ख़ुद बना लूंगा ( अज्ञात )

यदि आप वाकई कुछ चाहते है तो आप उसे प्राप्त करने की स्थितिया भी पैदा कर लेंगे (चेरे )

रविवार, 2 नवंबर 2008

हारने के लिये नहीं आया

मै तब तक जुटा रहूँगा जब तक

कि मै सफल ना हो जाऊँ,

मै इस संसार में हारने के लिये

नहीं आया हूँ,न ही मेरी शिराओं


में असफलता प्रवाहित हो रही है

मै कोई भेड़ नहीं जिसे कोई

गडेरिया


हाँके।मै एक शेर हूँ और मै भेड़ की

तरह चलने या बात करने से

इन्कार करता हूँ।



बुधवार, 15 अक्टूबर 2008

" विजय की शुरूआत प्रारंभ से होती है"

जब भारत के राष्ट्रपति
कलाम जी एयर फोर्स के
लिये क्वालिफाई नहीं कर
पाये थे तो स्वामी शिवानन्द

की जिन पक्तियों ने
उन्हें सकारात्मक सोच
कायम रखने की प्रेरणा दी
,वे थीं,"यदि तुम सच्चे ह्रदय से

स्वप्न देखते हो और तुम्हारे
स्वप्न पवित्र व लक्ष्यकेन्द्रित

हैं तो उनमें एक
अद्वितीय इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक
का समावेश हो जाता हईस्लिये
जब दिमाग सोता

है तो वह शक्ति की
निरवता में बहता जाता है
और भोर के साथ अन्य दैविय
पिण्डों की शक्ति को साथ

लेकर वापस आती है
और मस्तिष्क में एक
ब्रह्माण्डीय शक्ति भर देति हैआपको
इस शक्ति पर विश्वास

करते हुये यह मानना पडे़गा
कि सूर्य कल फिर निकलेगा।

" विजय की शुरूआत प्रारंभ से होती है"

"वह हासिल करने की कोशिश करें जिसके आप हकदार हैं"

एक चित्रकार से किसी ने पूछा की आप की सबसे अच्छी कलाकृति कौन सी है?तो उसने मुस्कुराते हुये जवाब दिया ,"मेरी अगली बनने वाली कलाकृति"।यानी जो कल होने वाला है,वह पिछले कल से बेहतर ही होगा।

"वह हासिल करने की कोशिश करें जिसके आप हकदार हैं"

शनिवार, 31 मई 2008

body language

आँख
कुछ लोगों की आँखे छोटी होती हैं, कुछ की बडी़।बडी़ आँख वाले लोग भोले होते हैं यह भी कह सकते हैं कि उन्हें आसानी से मुर्ख बनाया जा सकता है।छोटी आँख वाले लोग शातिर होते है जैसे  रिकी पोन्टिंग इनसे हमेसा सावधान रहना चाहिये।