शनिवार, 12 जून 2010
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सफलता के तीन नियम
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(1) कंट्रोल योरसेल्फ
(2) लुक फॉर अल्टर नेटिव सोलुसन
(3)डीलिट द सिचुएसन विच गिव यू टेंसन
इन तीन नियमो का पालन करे व सफल हो
हम सब का जन्म सफल होने के लिए हुआ है
सोमवार, 31 मई 2010
इच्छा शक्ति की ताकत
"वे मेरी आत्मा नहीं काट सकते जब तक कि मै जिन्दा हूँ"
यह कथन था पंजाब के गायक बन्त सिंह का।
उनके हाथ पैर निर्दयता से काट डाले गये थे।
उनके आँखो के सामने ही उनकी नाबालिक लडकी के साथ रेप किया गया था।
इस ह्रदय द्रावक घटना ने उन्हें अपाहिज नहीं किया बल्कि,
ब्रिटेन ,अमेरिका व पूरे दक्षिण एशिया में लोगों को एकजुट कर दिया।
और इस घटना से गरीबों व असहायों को उनका मशीहा मिल गया।
उन्होंने कहा,"मेरे अंग काट दिए गये हैं पर मेरी जुबान कायम है और
मै जब तक जिन्दा हूँ गरीबों व असहायों के लिए लडता रहूगाँ।
गुरुवार, 20 मई 2010
छोटी-छोटी मगर मोटी बातें
एक
जब लोग आप की आलोचना कर रहें हों,
आप पर चिल्ला रहे हो,या आप का दिल दुखा रहे हों
परेशान ना हो बस एक बात याद रखें
"हर खेल में दर्शक ऐसा ही करते हैं,लेकिन खिलाडी़ अपना काम करते रहते हैं"
दो
दुनिया में हर काम के लिए दूसरा मौका अवश्य रहता है
लेकिन याद रखें,
"लेकिन दोबारा जीने का मौका नहीं मिलता,अपने जीवन का पूरा आनन्द उठाये"
तीन
Morning =more + inning
हर सुबह भगवान हमें अपने जीवन का एक और इनिंग खेलने का मौका देते हैं।क्यों ना इसे बेहतर तरीके से खेला जाए.............
चार
दुनिया में सबसे आसान क्या है और सबसे मुस्किल क्या?
आसान-दूसरो की गलती बताना।
मुस्किल-अपनी गलती मानना।
बुधवार, 19 मई 2010
दुनिया कि कोई ताकत सफल होने से नहीं रोक सकती
एक आदमी एक्कीस वर्ष की उम्र में ही मोटर न्यूरोन डिजीज का शिकार हो गया।यह लकवे से भी खतरनाक बिमारी है,इसमें शरीर का कोई अंग काम नहीं करता।वह आदमी तीस से अधिक वर्षों से लकवे से ग्रस्त रहता है।उसकी सिर्फ एक उँगली व दिमाग काम करत है।वह पिछले बीस वर्षों से बोल नहीं सकता।
अब एक दूसरे व्यक्ति की चर्चा करते हैं।वह विश्व का सबसे बडा़ ब्रह्नाण वैज्ञानिक है।उसे आईन्स्टीन के बाद अब तक का सबसे बडा़ वैज्ञानिक माना जाता है।वह कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में गणित का प्रोफेसर है।
आप जान कर हैरान होंगे कि दोनों व्यक्ति एक ही हैं स्टीफन हाकिंग।
अब तीसरे व्यक्ति की चर्चा।वह पृथ्वी पर स्थित छ: खरब लोगों से अलग व खास है।उसकी परिस्थितियाँ हाकिंग से लाख गुना बेहतर है।वह इस दुनिया में सफल होने के लिए आया है।
जब हाकिंग सफल हो सकते हैं,तो उसे दुनिया कि कोई ताकत सफल होने से नहीं रोक सकती।
वह तीसरे व्यक्ति आप हैं।
हम सब का जन्म सफल होने के लिए हुआ है।
सोमवार, 17 मई 2010
प्यारी माँ
प्यारी माँ
वक्त कितना बदल गया है
कल जब हम छोटे थे
और कोई हमारी बात
नहीं समझता था
तब सिर्फ एक हस्ती थी जो
जो हमारे टूटे फूटे अल्फाज
भी समझ जाती थी
और आज हम उसी
हसती को कहते हैं
’आप नहीं जानती’
आप नहीं समझ पाएगीं
आप की बाते मुझे समझ नहीं आती
हो गई आप खुश
बडे़ शर्म की बात है
क्यों है ना?
,चलो उस हसती का सम्मान करें
जो है
’प्यारी माँ’
वक्त कितना बदल गया है
कल जब हम छोटे थे
और कोई हमारी बात
नहीं समझता था
तब सिर्फ एक हस्ती थी जो
जो हमारे टूटे फूटे अल्फाज
भी समझ जाती थी
और आज हम उसी
हसती को कहते हैं
’आप नहीं जानती’
आप नहीं समझ पाएगीं
आप की बाते मुझे समझ नहीं आती
हो गई आप खुश
बडे़ शर्म की बात है
क्यों है ना?
,चलो उस हसती का सम्मान करें
जो है
’प्यारी माँ’
बुधवार, 12 मई 2010
बाकि लोग उन्हें भाग्यशाली मानते हैं।
एक रात बन्जारों का एक समूह सोने की तैयारी कर रहा था।तभी उनके चारो ओर एक दिव्य प्रकाश फैल गया।दिव्य प्रकाश से आवाज आई कि जितने पत्थर बीन सकते हो बीन लो और अगले दिन का इन्तजार करो।
अधिकतर बन्जारे इसे बकवास मानकर सो गये ,कुछ ने बेमन से पत्थर बटोरा कुछ एक ने ढेर सारा पथर बटोरा।
अगले दिन सारे पत्थर हीरे बन गये।जिन्होने इसे बकवास माना वे कुछ समझ ही न पाये और जिन्होंने बेमन से थोडा पत्थर बटोरा था वो अब पछता रहे थे और जिन्होंने लगन से ढेर सारे पत्थर बटोरे थे उनको भाग्यसाली माना गया।
हम लोग भी इन्हीं तीन तरह के लोगों में बटे हुए हैं
१-अधिकतर ये समझ ही नहीं पाते क्या हो रहा है और क्या करना है।
२-कुछ लोग काम तो करते हैं लेकिन बेमन से और अपने भाग्य का रोना रोते हैं।
३-बहुत कम ही लोग हैं जो लगन से काम करते हैं और सफल होते हैं बाकि लोग उन्हें भाग्यशाली मानते हैं।
लेबल:
पत्थर,
बन्जारों,
भाग्यशाली,
prashant adarsh,
prashant karunesh
मंगलवार, 11 मई 2010
बहुत प्रभाव पडता है..........................
एक आदमी समुद्र के किनारे टहल रहा होता है।वह देखता है कि उससे दूर एक आदमी नीचे झुकता है फिर उठता है आगे बढता है फिर झुकता है फिर उठता है और यही काम बार-2 करता है।पहला आदमी तेजी से उसके पास जाता है और देखता है कि समुद्र की लहरों के साथ सैकडों मछलियाँ रेत पर किनारे आ जाती हैं और वह आदमी उनमें से एक को उठाता है और वापस समुद्र में फेंक देता है।
पहला मनुष्य हसता है और कहता है यहाँ तो सैकडो मछलियाँ एक बर मे किनारे आ जा रही हैं तुम्हारे ऐसा करने से क्या प्रभाव पडता है।वह आदमी फिर एक मछली को उठाते हुए कहता है लेकिन इस एक मछली को तो बहुत प्रभाव पडता है..........................
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