शुक्रवार, 5 जून 2009

अगर आप सफल होना चाहते हैं

अगर आप सफल होना चाहते हैं
तो दूसरों को सफल होने में मदद कीजिये


आप खुद ब खुद सफल हो जायेंगे।(
अज्ञात)

जल्दी मर जाना अच्छा है,पर बेकार की जिन्दगी जीना उससे लाख गुना बुरा है।(अज्ञात)

आप हर दिन इस तरह मेहनत करें जैसे कि आपका जीवन इसी पर निर्भर है।(अज्ञात)

अगर आप सोचते हैं कि आप प्रभाव उत्पन्न करने के लिये बहुत छोटे हैं,तो कमरे में एक मच्छर के साथ सोने की कोशिश कर के देख लें।(अनीता रोडिक)

जब किसी के मन में उड़ने का आवेग हो,तो वह रेंगने के लिये सहमत नहीं हो सकता।(हेलन केलर)

अगर A=सफलता है ,तो मंत्र है A=X+Y+Z,जहाँ Xकाम, Yलगन,व Zअपना मुँह बन्द रखना है।(आइंस्टीन)

गुरुवार, 14 मई 2009

जोश में होश ना खोयें

दस आदमी और एक औरत हेलीकाप्टर से रस्सी द्वारा लटके है रस्सी
कमजोर होने की वजह से एक साथ इतने लोगों को एक साथ लेकर चलना सं भव नहीं था।कम से कम एक आदमी को रस्सी छोड़नी ही थी,नहीं तो बाकी सभी मारे जाते।
इस काम के लिये कौन अपनी जान जोखिम में डालेगा?इस बात पर गहन विचार मंथन चल रहा था।तभी इकलौती महिला ने भावुक होकर कहा ,"मै स्वेच्छा से रस्सी छोड़ने के लिये तैयार हूँ,क्योंकि त्याग करना स्त्री का स्वभाव रहा है और वह रोज अपने घर,अपने बच्चों तथा पति के लिये नि:स्वार्थ भाव से त्याग करती है"
जैसे ही महिला ने अपनी बात समाप्त की,सभी आदमी एक साथ ताली बजाने लगे आगे आप जानते हैं क्या हुआ होगा।

गुरुवार, 26 फ़रवरी 2009

हर व्यक्ति अपने तरीके से सोचता

एक दिन सुबह सुबह एक पादरी ,एक डाक्टर व एक इंजीनियर गोल्फ के मैदान में जाते हैं
।उनसे पहले एक ग्रुप वहाँ था, जो थोडी़ धीमी गति से गोल्फ खेल रहा था।इंजीनियर बोला,ये बुद्धु लोग कौन हैं हम यहाँ पन्द्रह मिनट से प्रतिछा कर रहें हैं।डाक्टर बोला मैने ऐसा बेकार गोल्फ कभी नहीं देखा।पादरी बोला वह देखो मैदान का मालिक आ रहा है उससे पुछते हैं।उसने पुछा जार्ज ये ग्रुप इतना धीमें क्यों खेल रहा है।इनकी क्या समस्या है?
जार्ज ने उन्हें बताया कि यह नेत्रहीन ग्रुप है जिनकी आख इस गोल्फ क्लब को आग से बचाते समय चली गई।अत: हम इन्हें जितनी देर चाहे खेलने देते हैं।
सब लोग थोडी देर के लिये चुप हो जाते हैं।पादरी कहता है मै इनके लिये आज रात प्रार्थना करूगा।
डाक्टर बोला मै अपने डाक्टर मित्रों से इनके आँख के बारे में चर्चा करूगा।
इंजीनियर बोला यह लोग रात को क्यों नहीं खेलते।

किसी परिस्थिति पर हर व्यक्ति अपने तरीके से सोचता है।इंजीनियर यहाँ पर समस्या के समाधान के बारे में सोच रहा है।

रविवार, 22 फ़रवरी 2009

दर्द का क्या है वो तो गुजर जाता है

महान फ्रांसिसी पेन्टर रेनुआ गठिया रोग से पीडि़त थे।परन्तु फिर भी वे पेन्टिंग करते थे।ब्रश पकडने में उन्हें असहनीय पीडा़ उठानी पड़ती थी।एक दिन उन्हें ऐसा करते देख उनके मित्र ने कहा कि आखिर वो ऐसा क्यों करते हैं?
पियरे रेनुआ ने कहा,"दर्द का क्या है वो तो गुजर जाता है,परन्तु खू़बसूरती रह जाती है।

बुधवार, 18 फ़रवरी 2009

मै अपने लड़को को भी बड़ा कर रहा हूँ

एक किसान के कई लड़के थे और वह उनसे
खेत पर बहुत मेहनत करता था।
एक दिन उसके पडो़सी ने कहा फसल
उगाने के लिये लड़को से इतनी
मेहनत कराना जरूरी नहीं।किसान
ने शान्त रूप से लेकिन दृढ़ता से जवाब
दिया,"मै सिर्फ फ़सल बडी़ नहीं कर रहा,बल्कि मै अपने लड़को को भी बड़ा कर रहा हूँ।

शुक्रवार, 26 दिसंबर 2008

नये साल का संकल्प

मै तब तक जुटा रहूँगा जब तक मै सफल ना हो जाऊँ ।

मै इस संसार में हारने के लिये नहीं आया हूँ ,
न ही मेरी शिराओं में असफलता प्रवाहित हो रही है ।
मै कोई भेड़ नहीं जिसे कोई गडिर्या हाँके।
मै एक शेर हूँ और मै भेडो़ की झुँड की तरह
बात करने, चलने और सोने से इंकार करता हूँ।
असफलता की बलिवेदी मेरा भाग्य नहीं बन सकती।

मै तब तक जुटा रहूँगा जब तक मै सफल ना हो जाऊँ ।

नये साल में मै ये करूँगा

अगर मै निराश हूँ तो मै गाऊँगा ।
अगर मै दुखी हूँ तो मै हँसूंगा ।
अगर मै बीमार हूँ तो दुगुना काम करूँगा ।
अगर मुझे डर लगता है तो तेजी से मै आगे बढ़ जाऊँगा ।
अगर मै खुद को हीन समझता हूँ तो नये वस्त्र पहनूँगा ।
अगर मै अनिश्चय की स्थिति में हूँ तो मै अपनी आवाज बढा़ लूँगा ।
अगर मै गरीबी का अनुभव करता हूँ तो मै आगे आने वाले दौलत के बारे में सोचूँगा ।
अगर मै खुद को अयोग्य समझता हूँ तो अपनी पिछली सफलता के बारे में सोचूँगा ।
अगर मै खुद को महत्वहीन समझता हूँ तो मै अपने लक्ष्यों के बारे में सोचूँगा ।